Kyo Hota Hai Kamar Dard Or Ise Kaise Kare Dur

Kamar dard ki sikayat aaj sirf badi umra ki hi nahi balki yuvano ki bhi samasya ban gai hai.Lekin kuch adato ko badlakar is samasya se kafi had tak aaram pai jaa sakti hai,Aaiye jane kaise.

Kaan ka band hona अपने कानों को साफ और स्वस्थ रखने के आसान टिप्स

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तुलसी के फायदे और नुक्सान Basil (Tulsi) benefits and side-effects in hindi

कभी कभी किसी वर्ग को समझने के लिए हम उसके प्रतिनिधि से वाकिफ होते हैं, जैसे भारत को शाहरुख़ खान, हॉकी (hockey) को ध्यानचंद और फुटबॉल को रोनाल्डो के नाम से जाना जाता है कुछ उसी तरह तुलसी (Basil) को औषधियों का पर्याय कहा जा सकता है। तुलसी के बहुत ही ज्यादा फायदे है। इसे कच्चा खाने मात्र से ही आपके कई प्रकार के रोग दूर हो जाते है।

अगर इसकी रचना की बात करे तो इसमें वसा (fat) की मात्रा कम होता है तथा प्रोटीन (protein) , कार्बोहाइड्रेट्स (carbohydrates) और विटामिन्स (Vitamins) अच्छी मात्रा में इसके अंदर होते है। तो आईये इसके फायदे के बारे में विस्तार से जानते है।

तुलसी के फायदे | Benefits of basil (tulsi) in Hindi

जहाँ एक तरफ तुलसी की महत्ता धार्मिक कार्यों में प्रचलित है वहीँ औषधि के रूप में भी तुलसी ने अच्छा ख़ासा नाम कमाया हुआ है। इस दिव्य पौधे को निम्नलिखित तरीकों से उपयोग में लाया जा सकता है।

tulsi ke fayde



सर्दी खांसी में लाभ | Basil (tulsi) cures cough in hindi


ठंडी के दिनों में खांसी होना, सरदर्द होना आम बात है। इसके उपचार के लिए तुलसी बहुत ही फायदेमंद है। इसको आप कच्चा भी खा सकते है या फिर इसको पीस कर एक पेस्ट बना ले। आईये इसकी विधि के बारे में जानते है।

विधि: तीन चार ग्राम तुलसी की पत्तियों को पीसकर दही (Curd), शहद (Honey) या दूध (Milk) के साथ खाली पेट लेने पर सर्दी-खांसी कम होती है ।

अवश्य पढ़ेखांसी से राहत के घरेलू उपचार

जी मचलने से राहत | Basil (tulsi) helps to cure Nausea in hindi

तुलसी का सेवन जी मचलने में भी बहुत ही फायदेमंद है। अध्ययनों से पता चलता है कि इसमें एक यूजेनॉल (Eugenol) नाम का पदार्थ होता है जिससे की हमे राहत मिलती है। आईये इसकी विधि जानते है।

विधि: 3-4 तुलसी की पत्तियों के रस को शहद के साथ मिलाकर चाटने से उल्टी (vomit) जैसे भाव आना बंद हो जाते है ।

निमोनिया के इलाज में मदद | Basil (tulsi) cures Pneumonia in hindi

पवित्र तुलसी के तत्व हमारे फेफड़ों के लिए बहुत ही फायदेमंद हैं। यह निमोनिया के इलाज में मदद करते हैं। आईये इसकी विधि के बारे जानते है।

विधि: 50 ग्रा तुलसी ,25 ग्रा अदरक (Ginger), 15 ग्रा कालीमिर्च (Black pepper) और 10 ग्रा इलायची (cardamom) कूटकर तब तक उबालें जब तक ये मिश्रण 20 ग्रा बच जाए। यह मिश्रण सभी आयु के लोगों के लिए असरदार है ।

दमे का इलाज | Basil (tulsi) for curing Asthma in Hindi


तुलसी के पत्तों से दमे का इलाज भी संभव है। निचे लिखी विधि के अनुसार इसे प्रयोग करे आपको जरूर राहत मिलेगी।

विधि: गुलबनफ्सा, मुलेठी व तुलसी के पत्तों का काढ़ा बनाकर उपयोग करने से श्वांस के रोगों से मुक्ति मिलती है ।

रोग-प्रतिरोधक छमता बढ़ाने में | Basil (tulsi) increases disease resistance capability in the body

तुलसी बच्चों एवं बड़ों के लिए एक रामबाण औषधि है। इसे निम्न तरह से उपयोग कर बहुत से रोगों से बचा जा सकता है।

विधि: तुलसी के पत्तों का 15-20ग्रा रस निकाल के गाए के घी में धीमी आंच पर गरम करें, फिर इस लेप से शरीर की मालिश करें। आप अधिक ऊर्जावान महसूस करेंगे।

भूख बढ़ाने के लिए | Basil (tulsi) helps to increase appetite in hindi

अक्सर छोटे बच्चों को भूख न लगने जैसी समस्याएं होती है। इस परेशानी से निजात पाने के लिए माएं कुछ इस तरह तुलसी का उपयोग कर सकती है ।

विधि: अदरक, काली मिर्च,तुलसी के पत्ते,मिर्च व नमक मिलाकर चटनी बना ले ।इसे खाने के साथ परोसें ।यह चटनी पेट में होने वाले इन्फेक्शन (Infection)से बचाती है ।

संतान सुख के लिए | Basil helps to cure male infertility in hindi

तुलसी बांझपन जैसी समस्यायों का भी इलाज करने में संभव है। बांझपन न केवल महिलाओं में पाया जाता है, बल्कि पुरुषों में भी होता है। पुरुषों में सबसे आम मुद्दा है – स्वस्थ सामान्य शुक्राणु का अपर्याप्त उत्पादन। आईये इसकी विधि को जानते है के किस प्रकार तुलसी का सेवन करने से बांझपन दूर होता है

विधि: तुलसी के 200 ग्रा बीज मिश्री और गाए के दूध के साथ मिलाकर सुबह-शाम लें ।

गला बैठ जाने पर | Basil (Tulsi) helps to cure sore throat in hindi

सर्दियों में गला बैठ जाए तो तुलसी की 2-4 पत्तियां, थोड़ी सी मिश्री व एकाध काली मिर्च के साथ चूसें। इस विधि से गले की खराश कम हो जाएगी ।

अतिरिक्त विधि: 2-3 लौंग,3-4 तुलसी,3-4 कालीमिर्च कुचल के पानी में सेंधा नमक के साथ मिलाकर पिएं… इससे गला खुल जाएगा और आवाज़ साफ़ होगी।

कान में दर्द एवं पस की समस्या | Basil (Tulsi) helps to cure pain in ear in hindi


यदि आपके कान में दर्द है या फिर पस की समस्या है तो तुलसी के पत्ते इसमें भी बहुत ही लाभदायी है। निचे लिखी विधि के अनुसार इसे प्रयोग करे, आपको अवश्य ही लाभ होगा।

विधि: तुलसी के पत्तों का रस निकाल कर 4-4 बूँद करके कान में डालें। इस तरह से भी कान दर्द ठीक न हो या फिर कान का पस ख़तम ना हो तो 50ग्रा तिल के तेल मे 20-25ग्रा तुलसी की पत्ती को धीमी आंच पर पकाएं और इस तेल को कान में डालें ।

बुखार में राहत | Basil (tulsi) cures fever in hindi

शरीर तप रहा हो, सामान्य या मलेरिया जैसा बुखार हो तो तुलसी के पत्ते व मिश्री का काढ़ा बनाकर रोगी को दें। इससे बुखार के बाद की कमजोरी भी दूर होगी।

चोट से राहत | Basil (tulsi) gives relief in injury

शरीर के किसी भी भाग पे चोट लग जाए तो पानी में तुलसी की पत्तियों को उबाल कर इस पानी से घाव धो लें।

स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए | Consumption of basil (tulsi) increases memory in hindi

हलाकि तुसली हर वर्ग के लोगो के लिए लाभदायी है परन्तु बच्चो के लिए तो यह बहुत ही ज्यादा लाभदायी सिद्ध होती है। पढाई लिखे करने वाले बच्चो की स्मरण शक्ति तेज़ करती है। आईये जानते है की किस प्रकार सेवन करने से स्मरण शक्ति तेज़ होती है।

विधि: तुलसी की 4-5 पत्तियां शहद के साथ मिलाके लेने से स्मरण शक्ति बढ़ती है। यह उपाए पढाई लिखाई करने वाले बच्चों के लिए लाभकारी है।

सर में जुएं कम होती है | Basil (tulsi) cures lices in hindi

तुलसी के पत्तों का रस निकाल के इससे बाल धो लें। सर में जुओं की समस्या ख़तम हो जाएगी ।

दांतों में दर्द | Basil (tulsi) cures toothache in hindi

पायरिआ से बचने के लिए तुलसी के पत्ते, काली मिर्च ,सेंधा नमक का पेस्ट बना के मसूड़ों की मालिश करें। इस पेस्ट को रुई की मदद से मसूड़ों पे लगा के भी रख सकते हैं।

तुलसी के नुक्सान | Side-effects of Basil (Tulsi) in hindi

तुलसी छोटे से छोटे या बढे से बढे रोगों में लाभकारी है, परन्तु कहा गया है ना “अति सर्वत्र वर्जयेत”… तुलसी का अत्यधिक सेवन सेहत के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है।

यूजिनाल (Eugenol) की मात्रा अधिक होना | Excess eugenol by basil (Tulsi) in hindi

तुलसी में यूजिनाल नामक तत्व होता है। इसकी मात्रा ज्यादा हो जाने से खांसी या फिर पेशाब में खून आने जैसी समस्या हो सकती है ।

हाइपोग्लाइसीमिया (HYPOGLYCEMIA)

तुलसी में शुगर की मात्रा ज्यादा होती है । वो मरीज जो शुगर कम करने के लिए दवाई ले रहे है वो इसका उपयोग कम करें।

खून का पतला हो जाना | Blood thinning by basil in hindi

तुलसी के सेवन से खून पतला हो जाता है। यदि आप खून पतला करने वाली दवाइयां ले रहे हैं तो तुलसी के सेवन से बचें। दोनों का एक साथ उपयोग करने से खून काफी ज्यादा पतला हो जाता है और ये परेशानी का सबब साबित हो सकता है ।

गर्भवती महिलाओं में रिएक्शन | Basil (Tulsi) side-effect for pregnant ladies in hindi

तुलसी के अत्यधिक सेवन से गर्भाशय सिकुड़ जाता है। इसमें एक पदार्थ होता है, जिसका नाम है एस्ट्रैगोल। उससे गर्भाशय का संकुचन हो सकता है, जो की खतरनाक है। इससे बच्चे को जन्म देते वक़्त मुश्किल का सामना हो सकता है ।

तुलसी कुछ दवाइयों के असर को ज्यादा या कम कर देती है। इससे उम्मीद के विपरीत प्रभाव पढ़ सकता है ।

समापन नोट | Concluding note

इसमें कोई शक नहीं है की तुलसी एक बहुत अच्छी दवा और औषद्यि है। इसका नियमित रूप में इस्तेमाल करे तो आपको भरपूर फायदा होगा।
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सुबह खाली पेट पानी पीने के बेहतरीन फायदे

सुबह खाली पेट पानी (Water) पीने के बेहतरीन फायदे (benefits of drinking water)। आजकल ज्यादातर घरों में लोग सुबह उठकर सबसे पहले पानी पीते हैं और उसके बाद कोई दूसरा काम करते हैं। हलांकि बह अपनी  इस अच्छी आदत के कई फायदे  आप जानते भी नहीं हैं। अगर आप इस आदत का पालन करते हैं तो आपको बता देते हैं कि आप ही कितना अच्छा काम करते रहे हैं। रोजाना सुबह उठकर खाली पेट अगर पानी पीते हैं तो ये जान लीजिये कि आप ऐसी बीमारियों को आप अपने दिमाग से अपने शहर से अपने शरीर से गायब कर रहे हैं। आप अगर सुबह पानी पीते हैं या नहीं पीते हैं तो शुरू कर दीजिए और इसके फायदे जरूर देख लें।


benefits of drinking water



खाली पेट पानी पीने से शरीर की सारी गंदगी साफ हो जाती है और भी खून साफ हो जाता है। वैसे तो हर आदमी को सुबह उठकर लगभग 4 से 5 गिलास पानी पीना चाहिए। कई लोगों को यह बहुत बड़ी बात लग रही होगी।बहुत सारे लोग 4-5 गिलास पानी नहीं पी पाते पर यह कोई नुकसान की बात नहीं है।  आप 1 - 2  गिलास पानी से भी शुरुआत कर सकते हैं।

सुबह उठकर खाली पेट पानी पीना चाहिए।  सुबह उठकर पानी पीने से शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ निकल जाते हैं।  खून(Blood) साफ हो जाता है। खून (Blood) साफ हो जाने से त्वचा पर भी चमक आती है

सुबह उठकर पानी पीने से नई कोशिकाओं का निर्माण होने लगता है।  मांसपेशियों में मजबूती आती है।

सुबह उठकर पानी पीने से मेटाबॉलिज्म (Metabolism) सक्रिय हो जाएगा। अगर आप वजन घटाने के बारे में सोच रहे हैं। जितना जल्दी हो सके  तो आप आज सुबह उठकर ही पानी पीना शुरू कर दीजिए।  बाकी जो काम आप वजन कम करने के लिए कर रहे हैं उन्हें भी करते रहिए ।

जिन लोगों को कब्ज (Constipation) की शिकायत होती है उन लोगों को सुबह जल्दी उठ कर पानी पीना चाहिए और ज़्यादा से ज़्यादा पानी पीना चहिये। इससे आपको दोगना फायदा होने लगेगा।

सुबह उठकर पानी पीने से पेट (Stomach) साफ हो जाता है। पेट (Stomach) साफ होने की वजह से ऐसे लोग जो कुछ भी खाते हैं।  उनका शरीर उस खाद्य पदाथ को अच्छी तरह से पचा जाता है और उनका भरपूर फायदा मिलता है। उस में मौजूद सभी पोषक तत्व (Nutrient) शरीर को लगते हैं। इससे शरीर की सारी कमियां दूर हो जाती है।

सुबह उठकर खाली पेट पानी पीने से कब्ज से होने वाली दूसरी बीमारियां भी नहीं होती हैं।  सुबह उठकर पानी पीने से आंखों, पेशाब और किडनी संबंधित किसी भी समस्याएं दूर होती है। तो आज आप प्रण कीजिये कि आप हर रोज सुबह उठकर खाली पेट 2 - 5  पानी पिएंगे। तो अब आप जान गए होंगे कि सुबह उठ कर खाली पेट पानी पीने से कितने फायदे (Benefit) हो सकते हैं। अगर आप पानी पीने की बोतल  (Water Bottle) उपयोग करते हैं तो आप अच्छे ब्रांड की बोतल का ही उपयोग करें। पानी पिएं और स्वस्थ रहें।

कोरोना वायरस क्या है? कोरोना वायरस के लक्षण, कोरोना वायरस से बचने के उपाए

कोरोना वायरस क्या है,लक्षण, उपाय, कोरोना वायरस इन इंडिया.

कोरोना वायरस क्या है? कोरोना वायरस के लक्षण, कोरोना वायरस से बचने के उपाए। 

कोरोनावायरस ने सभी देशों में एक डर का माहौल बना दिया है। क्यूंकि कोरोना वायरस चीन से निकलकर पूरी पृथ्वी के देशो में धीरे धीरे फैल रहा है। 

कोरोना वायरस क्या है?

coronavirus covid 19 safety preventionकोरोनावायरस एक खतरनाक वायरस है। कोरोना वायरस की पहचान करना बहुत मुश्किल है, क्यूंकि इसके लक्षण सर्दी लगने जैसा होता है। कोरोनावायरस से पीड़ित व्यक्ति को बुखार, जुखाम, सिरदर्द, गला ख़राब तथा सांस लेने में तकलीफ होती है।
कोरोनावायरस से पीड़ित व्यक्ति  को निमोनिया जैसी बीमार होती है। 

 2003 में sars नाम के एक वायरस ने इसी प्रकार लोगो को टारगेट किया था, जिसमे हजारों लोगो की मौत हो गयी थी। कुछ ही समय में sars नाम का वायरस दुनिया में फैल गया था।


कोरोना वायरस के लक्षण, coronavirus symptoms :

  • बुखार 
  • सिरदर्द 
  • नाक बहना 
  • सांस लेने में तकलीफ 
  • गला ख़राब रहना 

 कोरोना वायरस से बचने के उपाए, कोरोना वायरस से कैसे बचें, coronavirus treatment :

corona virus se kaise bache jainnews.in

  • बीमार व्यक्ति, जुखाम तथा खांसी वाले किसी भी व्यक्ति के निकट मत  जाए। इस प्रकार के व्यक्ति से संपर्क स्थापित करने से बचें। 
  • यदि आपको खांसी, बुखार,जुखाम तथा गले की समस्या हो रही है । इन सबके अलावा अगर आपको सांस सही प्रकार से लेने में कठिनाई हो रही हो, तो आप डॉक्टर के पास जरूर जाए। अगर आप चीन से यात्रा करके आए हैं, तो डॉक्टर को इस बारे में जरूर बताएं। 
  • बाहर ज्यादा घूमने के लिए ना जाए। बाजार या काम पर जाते समय अनजान व्यक्तियों से संपर्क स्थापित करने से बचें। 
  • जानवरों से संपर्क स्थापित करने से बचें। पालतू जानवर को बाहर ज्यादा मत घूमने दें । 
  • मुंह पर मास्क लगाकर बाहर निकले। क्योंकि ऐसा करने से आप नोवल कोरोनावायरस पर्यावरण मे फैलने से बचा सकते हैं। 
  • खाना खाते समय हाथ को जरूर धो ले। आप हाथ धोने के लिए अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग कर सकते हैं। 
  • अपने आंख नाक और कान अपने हाथों से ज्यादा मत छुए, तथा किसी अन्य व्यक्ति को इन अंगों  पर हाथ लगाने से बचें। ऐसा करने से आप कोरोनावायरस को शरीर के अंदर जाने से बचा सकते हैं।  क्योंकि वायरस शरीर के अंदर सीधा इन अंगों के द्वारा जा सकता है। 
  • अगर आप नॉनवेज खाते हैं तो आप मांस खाने से बचें,  क्योंकि कोरोनावायरस जानवरों में अधिक पाया जाता है। इसके अलावा कोरोनावायरस एक जानवर से दूसरे जानवर में फैल सकता है। 
  • खाँसते या छींकते समय मुंह को जरूर ढक ले। खाँसते या छींकते समय  आप मुंह ढकने के लिए हाथ का इस्तेमाल बिल्कुल भी ना करें। इसके लिए आप टिशू का उपयोग कर सकते हैं। बाद में टिशू को फ़ेंक दें। 

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जैन भगवती दीक्षा

राम गुरु विराट है दीक्षाओं का ठाठ है

रत्नत्रय के महान आराधक, आगमज्ञाता परम पूज्य आचार्य भगवन् श्री 1008 श्री रामलाल जी म.सा. की महत्ती कृपा से मुमुक्षु सुश्री निधि जी कोटडिया सुपुत्री श्री जय प्रकाश जी कोटडिया, सुपौत्री श्री नथमलखेतमल जी कोटडिया नंदूरबार, की 😷 जैन भागवती दीक्षा *21 अक्टूबर,2020* को आचार्य श्री रामेश के मुखारविंद से संपन्न होना संभावित जोधपुर में।।

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🙏🙏हर्ष हर्ष जय जय🙏🙏

165 साल बाद ऐसा संयोग पितृपक्ष के 1 महीने बाद आएगी नवरात्री

165 साल बाद ऐसा संयोग, पितृपक्ष के 1 महीने बाद आएगी नवरात्री

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हर साल पितृ पक्ष के समापन के अगले दिन से नवरात्र का आरंभ हो जाता है  और घट स्‍थापना के साथ 9 दिनों तक नवरात्र की पूजा होती है। यानी पितृ अमावस्‍या के अगले दिन से प्रतिपदा के साथ शारदीय नवरात्र का आरंभ हो जाता है जो कि इस साल नहीं होगा। इस बार श्राद्ध पक्ष समाप्‍त होते ही अधिकमास लग जाएगा। अधिकमास लगने से नवरात्र और पितृपक्ष के बीच एक महीने का अंतर आ जाएगा। आश्विन मास में मलमास लगना और एक महीने के अंतर पर दुर्गा पूजा आरंभ होना ऐसा संयोग करीब 165 साल बाद होने जा रहा है।

लीप वर्ष होने के कारण ऐसा हो रहा है। इसलिए इस बार चातुर्मास जो हमेशा चार महीने का होता है, इस बार पांच महीने का होगा। ज्योतिष की मानें तो 160 साल बाद लीप ईयर और अधिकमास दोनों ही एक साल में हो रहे हैं। चातुर्मास लगने से विवाह, मुंडन, कर्ण छेदन जैसे मांगलिक कार्य नहीं होंगे। इस काल में पूजन पाठ, व्रत उपवास और साधना का विशेष महत्व होता है। इस दौरान देव सो जाते हैं। देवउठनी एकादशी के बाद ही देव जागृत होते हैं।

इस साल 17 सितंबर 2020 को श्राद्ध खत्म होंगे। इसके अगले दिन अधिकमास शुरू हो जाएगा, जो 16 अक्टूबर तक चलेगा। इसके बाद 17 अक्टूबर से नवरात्रि व्रत रखे जाएंगे। इसके बाद 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी होगी। जिसके साथ ही चातुर्मास समाप्त होंगे। इसके बाद ही शुभ कार्य जैसे विवाह, मुंडन आदि शुरू होंगे।

पंचांग के अनुसार इस साल आश्विन माह का अधिकमास होगा। यानी दो आश्विन मास होंगे। आश्विन मास में श्राद्ध और नवरात्रि, दशहरा जैसे त्योहार होते हैं। अधिकमास लगने के कारण इस बार दशहरा 26 अक्टूबर को दीपावली भी काफी बाद में 14 नवंबर को मनाई जाएगी।


क्‍या होता है अधिक मास

एक सूर्य वर्ष 365 दिन और करीब 6 घंटे का होता है, जबकि एक चंद्र वर्ष 354 दिनों का माना जाता है। दोनों वर्षों के बीच लगभग 11 दिनों का अंतर होता है। ये अंतर हर तीन वर्ष में लगभग एक माह के बराबर हो जाता है। इसी अंतर को दूर करने के लिए हर तीन साल में एक चंद्र मास अतिरिक्त आता है, जिसे अतिरिक्त होने की वजह से अधिकमास का नाम दिया गया है।

अधिकमास को कुछ स्‍थानों पर मलमास भी कहते हैं। दरअसल इसकी वजह यह है कि इस पूरे महीने में शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इस पूरे माह में सूर्य संक्रांति न होने के कारण यह महीना मलिन मान लिया जाता है। इस कारण लोग इसे मलमास भी कहते हैं। मलमास में विवाह, मुंडन, गृहप्रवेश जैसे कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं।

पौराणिक मान्‍यताओं में बताया गया है कि मलिनमास होने के कारण कोई भी देवता इस माह में अपनी पूजा नहीं करवाना चाहते थे और कोई भी इस माह के देवता नहीं बनना चाहते थे, तब मलमास ने स्‍वयं श्रीहरि से उन्‍हें स्‍वीकार करने का निवेदन किया। तब श्रीहर‍ि ने इस महीने को अपना नाम दिया पुरुषोत्‍तम। तब से इस महीने को पुरुषोत्‍तम मास भी कहा जाता है। इस महीने में भागवत कथा सुनने और प्रवचन सुनने का विशेष महत्‍व माना गया है। साथ ही दान पुण्‍य करने से आपके लिए मोक्ष के द्वार खुलते हैं।

अणु स्मृती दिवस

अणु स्मृती दिवस
Guru vandan stavan 
Written by - अणु वत्स पूज्य श्री सयंत मुनि जी म. सा. 

www.jainnews.in  aacharya umesh muni ji maharaj sa


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shri Nakoda Bhairav mahamantra by Dr. Vasantvijay ji maharaj

shri Nakoda Bhairav mahamantra by Dr. Vasantvijay  ji maharaj  

vasantvijay ji maharaj sa www.jainnews.in


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O Mere Guru Teri mitti me

O Mere Guru Afsos Nahi, Jo Tere Liye 100 Dard Sahe

Abke Paryushan Mein paryushan song

अबके पर्युषन में , गुस्सा थोडा शान्त रखना ,

आपने मन में भी जारा तु अकान्त रखना ,

बुरी बातो से खुद्को सम्हल रखना ,

तप साधना मे खुदका खयाल रखना ,

गम सारे तू भूल जा , मेरे दादा का बनके तू झुमजा ,

होक केसरिया केसरिया होक केसरिया केसरिया ,

झूम केसरिया केसरिया केसरिया ,

मैं भी केसरिया केसरिया तू भी केसरिया केसरिया ,

झूम केसरिया केसरिया केसरिया .....


अबके पर्युषण चेहरे पे एक मुस्कान सजा के,

अपने परयो को एकबार अपने गले से लगाकर ,

साडी गलतियां तू भूल जेक मेरे दादा का बनके तू झूम जा ,

होक केसरिया केसरिया होक केसरिया केसरिया ,

झूम केसरिया केसरिया केसरिया ,

मैं भी केसरिया केसरिया तू भी केसरिया केसरिया ,

झूम केसरिया केसरिया केसरिया .....


होक केसरिया केसरिया होक केसरिया केसरिया ,

झूम केसरिया केसरिया केसरिया..........


Jinshashan Ke Veero Ko Vandan

Jinshashan Ke Veero Ko Vandan Hai Abhinandan Hai

Mahaveer Janma Kalyanak stavan song

Jai Kaare Goonje Dharti Gagan Khusiyo Ka Pal Yeh Aaya Hai

Jai Ho Jai Ho Saiyami

 (Jai ho jai ho saiyami)

Muni Kyare Baniye song lyrics

Muni Kyare Baniye

Shatrunjay tirth sea plane project

 

जय जिनशासन जय शत्रुंजय जय आदिनाथ

शत्रुंजय महातीर्थ पर्यटक स्थली नही ,बल्कि पवित्र आध्यात्मिक जैन तीर्थ

 

जय जिनशासन    जय गिरिराज           जय आदिनाथ

कोरोना वायरस के रोकथाम को लेकर राष्ट्रसंत कमल मुनिजी कमलेश

 जोधपुर 7 सितंबर 2020 महावीर भवन  निमाज की हवेली

1750 वा अभिग्रह

 *इंदौर ( म. प्र.)*

*1750 वा अभिग्रह*

‼पूज्य *गुरुदेव तपकेसरी महाअभिग्रहधारी, सर्व धर्म दिवाकर शेरे पंजाब ,वर्तमान के गुरुवेणी श्री  *राजेश मुनिजी म .सा* . जी का आज का 1750 वा अभिग्रह​*‼

 
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Siddhachal na vasi Vimlachal na vasi

Siddhachal na vasi Vimlachal na vasi

सुना है आँगन, और सुना ये मन bidai geet

सुना है आँगन, और सुना ये मन

छाई काली घटाएं तो क्या, उसकी छतरी के नीचे हु मैं भजन लिरिक्स Chai Kali Gataye toh Kya Teri Chatri ke Neehe Hu Mein Bhajan Lyrics

 

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छोड़ेंगे ना हम तेरा साथ ओ दादा, मरते दम तक भजन लिरिक्स Chodenge Na Ham Tera Saath Dada Bhajan Lyrics

 

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Teachers day quotes wishes

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Mare Banvu Angar (Lyrics) Jain Diksha Song

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(Raag: Jai Jai garvi Gujarat...)

Manav janma safal karava kaje

Manav janma safal karava kaje chodyo jene parivaar

Dhana anagaar ..(2)

Dhana dhana te anagaar


Mare banvu angar..(2)

Mare taravo sansaar 

Mare banavu anagaar

Mare taravo sansaar 

Mare banavu anagaar

Mare banavu anagaar..(2)

Mare taravo sansaar 

Mare banavu anagaar

Mare taravo sansaar 

Mare banavu anagaar

Saiyam...(4) mare levo saiyam

Saiyam...(4) mare levo saiyam



Prabhu pantha ne paami karu hu aatam ne ujamad

Guru charan ne grahi ne mare thavu che bhavapaar

Muj naiya paar utaar 

Mare banavu anagaar

Muj naiya paar utaar 

Mare banavu anagaar

Mare banavu anagaar..(2)

Mare taravo sansaar 

Mare banavu anagaar



Gyaan dhyaan nu yog banyo je anant no aadhaar

A yog ne mare sadhi ne karvo nij nisthaat

Muj guno no rakhawal 

Mare banavu anagaar

Muj guno no rakhawal 

Mare banavu anagaar

Mare banavu anagaar..(2)

Mare taravo sansaar 

Mare banavu anagaar

Mare taravo sansaar 

Saiyam...(4) mare levo saiyam

Saiyam...(4) mare levo saiyam



Prabhu pan chalya maragade banava niraakar

Vajramanha che baalpana ma dharyo jeno shanagaar

Aatama no a hitakar

Mare banavu anagaar

Aatama no a hitakar

Mare banavu anagaar

Mare banavu anagaar..(2)

Mare taravo sansaar 

Mare banavu anagaar



Bodhshakh ma rahi rahi ne sarajyo ne sansaar

Parisaho ne sahi sahi ne dur karyo andhakar

Maro che taranhaar

Mare banavu anagaar

Maro che taranhaar

Mare banavu anagaar

Mare banavu anagaar..(2)

Mare taravo sansaar 

Mare banavu anagaar




Parva pratishtha lobh laalach vadharyo ahankaar

Raag dwesh ne vishay kashayma fekyo nar avataar

Have to paar utaar

Mare banavu anagaar

Have to paar utaar

Mare banavu anagaar

Mare banavu anagaar..(2)

Mare taravo sansaar 

Mare banavu anagaar



Kahe prabhu saiyam vina thaye nahi udhaar 

Devo pan zuri zuri ne maange aa avataar

Manav jeevan no saar

Mare banavu anagaar

Manav jeevan no saar

Mare banavu anagaar

Saiyam...(4) mare levo saiyam

Saiyam...(4) mare levo saiyam



Na kar vikaas jeevan no kahe jayanta sen swikar

Meru jevo adadh bani ne karyo me niradhar

Jin aagam no saar 

Mare banavu anagaar

Mare banavu anagaar..(2)

Mare taravo sansaar 

Mare banavu anagaar

Mare banavu anagaar..(2)

Mare taravo sansaar 

Mare banavu anagaar

Saiyam...(4) mare levo saiyam

Saiyam...(4) mare levo saiyam

Mare levo saiyam...(5)

Mare Banvu Angar (Lyrics) Jain Diksha Song


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