Jain Quiz 2

1. सातवीं चौकड़ी के 4 बोल (नरक गति में जाने के 4 कारण)?





... Answer is E)

2. आठवीं चौकड़ी के 4 बोल (तिर्यंचगति में जाने के 4 कारण)?





... Answer is E)

3. नवीं चौकड़ी के 4 बोल (मनुष्य गति में जाने के 4 कारण)?





... Answer is E)

4. आचार्य किसका पालन करते व करवाते है?




... Answer is B)

5.युवाचार्य पद प्रदान के पूर्व किस शास्त्र का वाचन किया जाता है?




... Answer is A)

6. आचार्य किसके शासन को दैदीप्यमान करते है?




... Answer is C)

7 शुद्ध संयम साधक आचार्य कितने भव करके मुक्त होते है?




... Answer is B)

8 आचार्य कितने गुण के धारक होते है?




... Answer is A)

9 आचार्य किसके उपासक होते है?




... Answer is B)

10 आचार्य की सम्पदा कितनी होती है?




... Answer is A)

Jain Quiz

1. तुम अरिष्टनेमि के पास मुंडित होकर अनगार धर्म मे दीक्षित मत होओ, किसने कहा?




... Answer is B)

2. सोमिल ब्राह्मण की सोमाश्री नामक पत्नी थी?


... Answer is B)

3. गजसुकुमाल के राज्याभिषेक होने के बाद कृष्ण वासुदेव ने रजोहरण, पात्र लाने के लिए एवं नाई को बुलाने के लिए कहा?


... Answer is B)

4. रिहंत अरिष्टनेमि ने सचित्त(गजसुकुमाल) भिक्षा ग्रहण की?


... Answer is A)

5. गजसुकुमाल ने सामायिक आदि ग्यारह अंगों का अध्ययन किया?


... Answer is B)

6. मेघ कुमार क्या था?


... Answer is A)

7 गजसुकुमाल कलाचार्य के पास रहकर ७२ कलाओं की शिक्षा ग्रहण की?


... Answer is A)

8 गज के तालु के समान होने से देवकी महारानी के पुत्र का नाम गजसुकुमाल रखा गया?


... Answer is A)

9 तुम्हारा छोटा भाई बाल्यवस्था में दीक्षा लेगा, ऐसा अरिहंत अरिष्टनेमि ने कहा?


... Answer is B)

10 हरिणैगमैषी देव को बुलाने के लिए तेले की आराधना करते हैं, इस तेले के तप को कृष्ण वासुदेव धर्म समझकर करते हैं?


... Answer is B)

रक्षा बंधन का पर्व इस विशेष महूर्त में बांधे भाई की कलाई पर राखी

रक्षा बंधन का पर्व   इस विशेष महूर्त में बांधे भाई की कलाई पर राखी raksha bandhan 2020


Diabetes Treatment मधुमेह का इलाज


Diabetes Treatment in hindi मधुमेह का इलाज


खांसी के घरेलू उपाय


cough remedies in hindi cough remedies at home 
खांसी के 10 घरेलू उपाय 

कोरोना वायरस से बचाव के लिए निम्नलिखित सावधानियां

कोरोना वायरस से बचाव के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतें: -

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 1. पानी उबालकर पिएं।

 2. मांसाहारी भोजन करना बंद कर दें।

 3. आहार में विटामिन सी, जिंक और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की मात्रा बढ़ाएं।

 4. व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें।


Coronavirus Line Art, Virus, Wash Hands jainnews.in

 5. तुलसी, अदरक, काली मिर्च, चीनी और नींबू की कुछ बूंदों को मिलाकर काढ़ा बनाएं।

 6. गिलोय को सुबह खाली पेट लें।

 7. खाने में भी सब्जियों का सूप लें।

 8. किसी भी प्रकार के पेय पदार्थ (कोल्ड ड्रिंक), आइसक्रीम, कुल्फी आदि खाने से बचें।

 9. किसी भी प्रकार का डिब्बाबंद भोजन, पुराने बर्फ के गोले, सीलन युक्त दूध और दूध से बनी मिठाइयाँ न खाएँ जो 48 घंटे से पहले बनाई जाती हैं।
 इन सभी चीजों का इस्तेमाल कम से कम 90 दिनों तक न करें।

 10. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कोरोना वायरस से बचने के लिए अपने हाथों को साबुन या गर्म पानी से धोएं। खांसते, छींकते समय नाक और मुंह को टिशू पेपर या रूमाल से ढकें क्योंकि छींकने से भी वायरस फैलता है।

सुरक्षित रहें


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Baby, Dandelion, Female, Girl, Bokeh
Girl's Names beginning with A

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BOYS NAME

Boy’s Names beginning with A

जीवन में परेशानी का कारण घर की गलत दिशा में लगे पेड़ पौधे तो नहीं

जीवन में परेशानी का कारण घर की गलत दिशा में लगे पेड़ पौधे तो नहीं, जानिए वास्तु अनुसार वृक्ष लगाने का सही स्थान


कंगाली से बचने के लिए गृहणियां रखें इन बातों का ध्यान


Housewives should keep these things in mind to avoid poverty

कंगाली से बचने के लिए गृहणियां रखें इन बातों का ध्यान 


मने वेश श्रमणनो मळजो रे jain diksharthi song


Mane Vesh Shraman No Maljo Re  
मने वेश श्रमणनो मळजो रे.. 


ममता मोटाई, मोहमाया ना, बंधन सघळा,टळजो रे, 
मने वेश श्रमणनो मळजो रे.. 

आठ प्रहरनी साधना काजे, वहेली परोढे हुं जागुं, 
श्वासो लिव माटे पण हुं, गुरुनी आणा मांगु 
आंख ईर्यासमिते ढळजो रे... मने वेश श्रमणनो मळजो रे... 

Jain Diksha Program - एक साथ तीन जैन ...


सूत्र अर्थने, स्वाध्याय साधी, शास्त्रो सघळा वांचुं,
 जिनवाणी नुं, परम रहस्य, पामीने अंतर याचुं, 
अज्ञान बधुं मुज टळजो रे...मने वेश श्रमणनो मळजो रे.. 

आहार मां रस होय नहींने, घर घर गोचरी भमवुं, 
गामो गाम विहरता रेहवुं, कष्ट अविरत्त खमवुं, 
मारा कर्मो निर्जरी जाजो रे.. मने वेश श्रमणनो मळजो रे.. 

पंच महाव्रत पालन करवुं, निर्दोष ने निश्कलंक, 
समता मां लायलीन रेहवुं, सरखा रायने रंक, 
मारो साद प्रभु सांभळजो रे...मने वेश श्रमणनो मळजो रे.. 

आ जीवन अणीशुद्ध रहीने, पामुं हुं अंतिम मंगल, 
साधी समाधि परलोक पंथे, आतम रहे अविचल, 
मारी सद्दभावनाओ फळजो रे...मने वेश श्रमणनो मळजो रे..


एक मनोरथ एवो छे Diksha song



Ek Manorath Evo Che Diksha song

एक मनोरथ एवो छे



एक मनोरथ एवो छे, वेश श्रमण नो लेवो छे
 प्रभु चरणोमां रहेवुं छे, संयम मारे लेवुं छे

Bhanwarlal Raghunath Doshi, The Millionaire Who Gave Up His Empire ...  jainnews.in

भव भ्रमणा दूर टळजो रे, पंथ प्रभु नो मळजो रे 
अरजी ए अवधारजो, संयम जीवन आपजो 
जाग्या छे एवा अरमान,श्रमण धर्मनुं देजोदान 

भवोभवनो हुं प्यासी छुं,संयमनो अभिलाषी छुं 
साद मारो सांभळजो रे, मारग तारो मळजो रे 
वीर प्रभु नो अंश मळे, गुरु गौतम नो वंश मळे 


संयम मरे लेवु छे, भव थी पार उतरवुं छे 
रोम रोम थी प्रगटे नाद, संयमने दो आशीर्वाद 
एक जंखना जागी छे, संयम भीक्षा मांगी छे 


करुणा करजो ओ कीरतार,संयम देजो जगआधार 
उर ना आसन खली छे, दीक्षा मुजने वाहली छे 
वर्षो थी मीट मांडु छुं, संयम जीवन मांगु छुं


मेरे दोना हाथों में ऐसी लकीर song lyrics


मेरे दोना हाथों में  ऐसी लकीर


मेरे दोना हाथों में , ऐसी लकीर है।

दादा से मिलन होगा, ऐसी तकदीर है।
लिखा है ऐसा लेख दादा - 2
Marble Jain Mahaveer Statue jainnews.in  Mahaveer ...


लिखता है लिखनेवाला, सोच समझकर
मिलना बिछुडना दादा, होता समय पर
इसमें मीन ना मेख .... दादा - 2
लिखा है (2)


किस्मत का लेख कोई, मिटा नहीं पायेगा
कैसे मिलन होगा, समय ही बतायेगा,
मिटती नहीं है रेख .... दादा - 2
लिखा है (2)

ना वो दिन रहे है, ना ये दिन रहेंगे
दादा तुम देख लेना, जल्दी मिलेंगे
इन हाथों को देख ..... दादा - 2
लिखा है (2)


बड़ी दुर से चलकर आाया हूँ song lyrics

बड़ी दुर से चलकर आाया हूँ


बड़ी दुर से चलकर आाया हूँ, मेरे दादा तेरे दर्शन के लिये ।
एक फूल गुलाब का लाया हूँ, चरणों में तेरे रखने के लिये 1


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ना रोली मोली चावल हैं ....ओ (2)
ना धन - दौलत की थैली हैं(3)
दो आँसु बचाकर लाया हुँ (2)
पूजा तेरी करने के लिए

बडी दूर से ..

ना रंग महल की अभिलाषा ....ओ (2)
इच्छा सोने चाँदी की (3)
तरी दया की दौलत काफी हैं (2)
झोली मेरी भरने के लिए

बडी दूर से ...

मेरे दादा इच्छा नहीं मेरी ....ओ (2)
अब यहाँ से वापस जाने की (3)
चरणों में जगह दे दो थोड़ी (2)
मुझे जीवन भर रहने के लिए :

बड़ी दूर से ..


vastu for pooja room temple

vastu for pooja room temple 


*पूजा के कमरे के लिए सबसे अच्छी जगह एक ईशान क्षेत्र भी कहा जाता है। भगवान शिव पीठासीन देवता हैं और बृहस्पति इस क्षेत्र के लिए ग्रह हैं।

*भूतल और ऊपरी मंजिल वाले घर में, पूजा का कमरा भूतल में होना चाहिए। पूजा के कमरों के लिए पिरामिड के आकार के कमरे अच्छे हैं।

Ganesha, Sculpture, India, Room


*पूजा कक्ष किसी शौचालय के नीचे या बगल में, किसी सीढ़ी या तहखाने में, ऊपर या बगल में नहीं होना चाहिए।
यदि कोई अलग कमरा उपलब्ध नहीं है, तो वास्तु भगवान के स्थान और उत्तर पूर्व में दीपक के साथ रसोई में पूजा की अनुमति देता है।

*एक विवाहित जोड़े के बेडरूम में पूजा करने की अनुमति नहीं है। यदि यह अपरिहार्य है, तो पूजा क्षेत्र को सभी तरफ पर्दे या लकड़ी के छोटे दरवाजों के साथ कवर किया जाना चाहिए।

Deepavali, Festival, Diwali, Pooja, Puja

*देवताओं की मूर्तियों को एक दीवार में एक कोठरी में नहीं रखा जाना चाहिए। मूर्तियाँ दीवारों से एक इंच दूर होनी चाहिए। आदर्श रूप से मूर्तियाँ आपके अंगूठे की ऊँचाई से अधिक ऊँची नहीं होनी चाहिए। लम्बे मूर्तियों को मंदिरों में बनी पवित्रता की आवश्यकता होती है जो एक घर में प्राप्त करना बहुत मुश्किल है।

*टूटी हुई मूर्तियों या पुराने मंदिर से लाई गई मूर्तियों को पूजा कक्ष में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
पूजा कक्ष के दरवाजे और खिड़कियां उत्तर और पूर्व में होनी चाहिए। दरवाजों को आदर्श रूप से 2 शटर होना चाहिए और दरवाजा बंद करने वालों का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।

*पूजा कक्ष का रंग फर्श पर सफेद संगमरमर और लकड़ी पर सफेद, हल्का पीला या हल्का नीला होना चाहिए, पूजा कक्ष के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सबसे अच्छी सामग्री है।

*पूजा कक्ष में कभी भी पैसे या अन्य कीमती सामान न रखें।

*पूजा कक्ष में मृत व्यक्तियों के फोटो न लगाएं।



दुकान शोरूम के लिए वास्तु सलाह


शोरूम  के लिए वास्तु टिप्स और दुकान शोरूम के लिए वास्तु सलाह


दक्षिण या पश्चिम की तुलना में उत्तर या पूर्व की ओर स्थित दुकानें और शोरूम अच्छे हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि दक्षिण या पश्चिम का सामना करने वाली दुकानें अच्छा नहीं करेंगी। वास्तु दिशा-निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है।



एक दुकान के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र उत्तर पश्चिम है। यह पवन क्षेत्र है। कुछ भी नहीं हमेशा के लिए यहाँ रहता है। चीजें तेजी से आगे बढ़ती हैं। इस क्षेत्र का उपयोग बिक्री को अधिकतम करने के लिए किया जाना चाहिए:
यहां प्रदर्शन किए जाने चाहिए।
यहां बिक्री की घोषणा की जानी चाहिए।
नई आवक यहां रखी जानी चाहिए।
इस क्षेत्र में रंग नीला का उपयोग करें।

दक्षिण, पश्चिम और दक्षिण पश्चिम दिशा भंडारण के लिए सबसे उपयुक्त हैं।

शोकेस और फर्नीचर के अन्य भारी सामान को दक्षिण पश्चिम क्षेत्र में रखा जाना चाहिए। इन्हें नॉर्थ ईस्ट में रखने से नुकसान होता है।

दुकान के मालिक को दक्षिण पश्चिम क्षेत्र में उत्तर की ओर मुंह करके बैठना चाहिए। दक्षिण पश्चिम को भारी बनाने के लिए, रंग पीला या अष्टधातु पंचमुखी हनुमानजी की मूर्ति का उपयोग करें। इससे मालिक को प्रभुत्व और स्थिरता मिलती है।



नॉर्थ ईस्ट ज़ोन को अप्रयुक्त रखा जाना चाहिए। इस क्षेत्र में एक छोटा मंदिर और गंगाजल से भरा एक तांबे का पात्र हो सकता है।

दुकान के केंद्र को भी खाली और साफ रखा जाना चाहिए।

दक्षिण पूर्व क्षेत्र महिला संबंधित वस्तुओं की बिक्री के लिए अनुकूल है।

पूर्वी क्षेत्र में स्टेशनरी और अध्ययन पुस्तकें आसानी से बिकेंगी।

दुकान का प्लॉट वर्गाकार या आयताकार होना चाहिए।

दुकान के प्रवेश द्वार की ओर ढलान नहीं होना चाहिए।

कैश काउंटर उत्तर की ओर खुलना चाहिए।



सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण दक्षिण पूर्व क्षेत्र में होने चाहिए।

मुख्य द्वार अंदर की ओर खुलना चाहिए और शोरगुल नहीं होना चाहिए

संगमरमर या लकड़ी के फर्श का उपयोग करने का प्रयास करें।



Vastu for main door house vastu


Vastu for main door of the house

vastu shastra tips for main door 





1}दरवाजे को स्वामी के राशी या नक्षत्र के बजाय वास्तु चक्र के अनुसार शुभ ग्रिड स्थिति में रखा जाना चाहिए क्योंकि संरचना मालिक की मृत्यु के बाद बनी रहेगी। शुभ मुहूर्त में मुख्य द्वार निश्चित होना चाहिए।

2}बिजली के खंभे, पेड़ की दीवार या मंदिर या मुख्य द्वार पर सीधे आने वाली सड़क जैसे मुख्य द्वार के सामने कोई बाधा या ‘द्वार-वेध’ नहीं होना चाहिए। इससे किसी भी कीमत पर बचना है।

3}जब भी दो दिशाओं में प्रवेश द्वार की आवश्यकता होती है, तो दो में से एक को उत्तर या पूर्व में रखा जाना चाहिए। यदि तीन दरवाजों की आवश्यकता है तो दो उत्तर और पूर्व में और तीसरे पश्चिम या दक्षिण में होने चाहिए।

4}मुख्य द्वार कभी भी घर के मुख के मध्य में नहीं होना चाहिए और घर के विस्तारित या कटे हुए हिस्से में नहीं होना चाहिए।

Frankfurt Am Main, Germany, Door jainnews.in

5}एक दूसरे के विपरीत दो घरों का मुख्य प्रवेश द्वार एक दूसरे के बिल्कुल विपरीत नहीं होना चाहिए।

6}मुख्य द्वार घर के अन्य सभी दरवाजों से बड़ा होना चाहिए। यह अंदर की ओर और बाईं ओर खुलना चाहिए। पिछला दरवाजा मुख्य दरवाजे के विपरीत नहीं होना चाहिए।

6}मुख्य द्वार का उपयोग रोज करना चाहिए। कुछ लोग सुविधा के लिए साइड डोर या बैक डोर का उपयोग करते हैं। यह एक अच्छा अभ्यास नहीं है क्योंकि शुभ ऊर्जा को घर में प्रवेश करने का मौका नहीं मिलता है।



रसोई के वास्तु को बेहतर बनाने के लिए इन गुप्त तकनीकों का इस्तेमाल करे


Apply these 11 secret techniques to improve kitchen vastu

रसोई घर का वास्तु 


हर भवन में रसोई घर का बहुत ही प्रमुख स्थान होता है ।

मोरपंख के रोचक तथ्य एवं चमत्कार

Interesting facts and wonders of peacock feather
मोरपंख के रोचक तथ्य एवं चमत्कार

1. जो व्यक्ति अपने घर में दो मोरपंख रखता हैं, उस परिवार में कभी फूट पैदा नहीं होती हैं. घर में दो मोरपंख रखने से घर में लड़ाई झगड़े नहीं होते हैं और परिवार साथ मिल ख़ुशी ख़ुशी रहता हैं.

2. जो ब्यक्ति अपने साथ हमेशा मोरपंख रखता हैं उसके साथ कभी कोई दुर्घटना नहीं होती हैं. मोरपंख सदैव अपने पास रखने से आपका भाग्य प्रबल हो जाता हैं और किसी भी दुर्घटना का भाग नहीं बनते हो.

3. मोरपंख को घर में रखने से नकारात्मक उर्जा घर से बाहर निकल जाती हैं और सकारात्मक उर्जा घर के अन्दर आ जाती है. आप तो जानते ही हैं जिस घर में सकारात्मक उर्जा रहती हैं वहां लक्ष्मी जी जल्दी आती हैं.

4. यदि आपका बच्चा पढ़ाई में कमजोर हैं या उसका पढ़ाई लिखाई में मन नहीं लगता हैं तो आप उसके स्कूल बेग में एक मोरपंख रख दे. ऐसा करने से आपके बच्चे का पढ़ाई में मन लगेगा और वो परीक्षा में अच्छे अंको से पास होगा.

Colorful Peacock jainnews.in

5. जिन लोगो की राशि में राहू दोष होता हैं उन्हें अपनी जेब या डायरी में मोरपंख रखना चाहिए. ऐसा करने से राहू दोष चला जाता हैं और आपके कार्यों में कोई बाधा उत्पन्न नहीं होती हैं.

6. घर का मुख्यद्वार यदि वास्तु के अनुसार नहीं बना या लगा हैं तो उस द्वार पर तीन मोरपंख लगा दे.  ऐसा करने से वास्तु दोष दूर हो जाता हैं और घर परिवार पर कोई भी मुसीबत या तकलीफ नहीं आती हैं.

7. यदि आपके जीवन में एक साथ दुखो का पहाड़ टूट पड़े और आप बहुत बड़ी मुसीबत में फंस जाए तो घर के कमरे या बेडरूम में मोरपंख लगाना चाहिए. इस बात का ध्यान रखे कि यह मोरपंख आपको कमरे के अग्नि कोण में ही लगाना होगा. ऐसा करने से सारी मुसीबतें धीरे धीरे दूर चली जाती हैं.

8. ये तो सभी जानते हैं कि पति पत्नी में अक्सर लड़ाई झगड़े होते रहते हैं. ऐसे में सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए शादी वाले एल्बम में एक मोरपंख लगा दे. ऐसा करने से पति पत्नी में झगड़े नहीं होंगे और प्रेम बढ़ेगा.

9. मोरपंख को रात में अपने घर आँगन के बाहर रख दे. ऐसा करने से नकारात्मक उर्जा का नाश होता हैं और घर में शान्ति बनी रहती हैं.

10. यदि आप जीवन में सदैव सफल होना चाहते हैं तो अपने पास एक मोरपंख रखना शुरू कर दे. इस मोरपंख से निकलने वाली पोसिटिव एनर्जी आपको किसी भी काम में फ़ैल नहीं होने देती हैं.



11. यदि आप रात को डरावने सपनो से परेशान रहते हैं तो अपने सिरहाने मोरपंख को रख कर सौ जाए. ऐसा करने से डरावने सपने आना तो बंद होंगे ही साथ ही आपको अगली सुबह मनमोहक होगी.

12. मोरपंख को कभी भी जमीन पर ना फेंके. इसे ऐसा करने से आपके घर की तरक्की रुक जाती हैं. साथ ही इस बात का भी ध्यान रहे कि आप मोरपंख को कभी लात ना मारे वरना आपके साथ कोई अनर्थ हो सकता हैं.

13. यदि कोई व्यक्ति आपको अपनी मर्जी से ख़ुशी ख़ुशी मोरपंख देता हैं तो आपके जीवन की सफलता के सारे रास्ते खुल जाते हैं. बस इस बात का ध्यान रखे कि आपको उनसे यह मोरपंख मुंह से नहीं माँगना हैं. उन्हें ये आपको अपनी स्वेच्छा से देना होगा. तभी आपको इसका लाभ मिलेगा.

14. पुरानी मान्यताओं के अनुसार मोरपंख मोर के मरने, या उस से झड़ने के बाद भी सदा जीवत रहता हैं. यही कारण हैं कि इसका असर इतना प्रबलशाली होता हैं.

15. आप जब भी किसी मोरपंख को खरीदते हैं तो उसे शुभ महूरत देख कर ही खरीदना चाहिए. अशुभ महूरत पर ख़रीदा गया मोरपंख लाभ नहीं देता हैं.



16. घर के दक्षिण पूर्वी कोने में मोरपंख लगाने से घर में हमेशा बरकत बनी रहती हैं. ऐसे घर में कभी भी धन की कमी नहीं होती हैं.

17. आप जब भी कोई मोरपंख ख़रीदे तो इस बात का विशेष ध्यान रखे कि वह कहीं से भी टुटा ना हो. ऐसा मोरपंख पास में रखना अशुभ माना जाता हैं. इसलिए हमेशा साबुत और सही हालत वाला मोरपंख ही लाए.

18. मोरपंख को घर में लाने के पूर्व श्रीआदिनाथभगवान का नाम जरूर ले. ऐसा करने से घर में सम्रद्धि आती हैं और सारे रुके कार्य भी समय पर पुरे हो जाते हैं.

19. मोरपंख को घर की तिजोरी या पूजा स्थल वाली जगह पर रखने से घर में धन की कभी कमी नहीं होती हैं और आपकी तिजोरी हमेशा भरी रहती हैं.

20. मोरपंख को घी में डुबो कर पीपल के पेड़ पर बाँध देने से शत्रुओं का विनाश होता हैं. यह उपाय करने से शत्रु आप पर कभी विजय प्राप्त नहीं कर पाता हैं.

Green, Purple, and Blue Peacock Feather jainnews.in

21. मोरपंख से बच्चे की नजर उतारने से वह कभी बीमार नहीं पड़ता हैं और ना ही किसी की बुरी नजर उसका कुछ बिगाड़ पाती हैं.

22. मोरपंख को किताब में रखने से उस किताब का पढ़ा याद रहता हैं.

23. मोरपंख को गंगाजल में डुबो कर घर में उस से छिड़काव करने से भूत प्रेत दूर रहते हैं।



रात को सोते समय आपको डरावने सपने आते हैं उपाय


Do you have scary dreams while sleeping at night

क्या रात को सोते समय आपको डरावने सपने आते हैं 

Bad Dreams and Waking jainews.in
कई बार हमको व  बच्चों को नींद में सपने आते हैं। कई बार ये सपने इतने डरावने होते हैं कि आंखें खुल जाती हैं और हम डर से पसीने-पसीने हो जाते हैं। इन सपनों में कई बार हम परेशान बच्चे, भटकती आत्माएं, जंगली जानवर, अंधेरे रास्ते या किसी खतरनाक संकट को देखते हैं जिससे हमें भयंकर डर लगने लगता है।

 ज्योतिष के कुछ साधारण से उपाय करके आप इन डरावने सपनों से बच सकते हैं।

इन प्रयोगो से हम डरावने सपनो से बच सकते हैं ।


➡️प्रतिदिन रात को सोते समय श्री घंटाकणॅ वीर  का एक बार पाठ करके सोएं, आपको बुरे सपने आना बंद हो जाएंगे।रात को णमोकार मन्त्र का 21 बार मन्त्र पढ़ने से भी सपनो से मुक्ति मिलती हैं ।

➡️कभी भी उत्तर दिशामें सिर करके नहीं सोना चाहिए। ऎसा करने से शरीर के मैग्नेटिक करंट में बाधा पहुंचती है और दिमाग बैचेन हो जाता है। अक्सर इन दिशाओं में सिर करके सोने वाले चौंक कर उठ जाते हैं।

➡️ पूर्व को सोने के लिए सबसे अच्छी दिशा माना जाता है। इस दिशा में सिर तथा पश्चिम में पैर करके सोने से अच्छी नींद आती है और बुरे सपनों से भी निजात मिलती है।

➡️सपने में यदि बार-बार नदी, झरना या पानी दिखाई दे तो यह पितृ दोष की वजह से हो सकता है। इसके लिए अमावस्या के दिन सफेद चावल, शक्कर और घी मिला कर पीपल के पेड़ पर सूर्यास्त के बाद चढ़ाने से आराम मिलता है।कई बार घर में नकारात्मक ऊर्जा अधिक होने की वजह से भी बुरे सपने आने लगते हैं। इसके लिए घर से नकारात्मक ऊर्जा को हटाना जरूरी होता है।

➡️ प्रतिदिन सुबह घर में सेंधा नमक मिले पानी का पौंछा लगाने से भी आराम मिलता है। 


Dream jainnews.in


➡️इसके अलावा यदि घर में रोज शाम को सूर्यास्त के समय धूप-गूगल जला कर धूनी देने से भी नकारात्मक ऊर्जा घर से बाहर निकलती है।

➡️जिस घर मै शाम को दीपक जलाकर
गाय के कण्डे पर गूगल की धुनी दी जाती हैं, उस घर नकारात्मक हवा नही रहती ।

➡️हर संक्राति जो हर माह की 14-15 तारीख को आती हैं  गुलाब जल और गंगा जलया किसी पवित्र नदी का जल मिलाकर घर मे छिड़के।




नया व्यापर करने से पहले जाने कुछ महत्वपूर्ण बातें


नया व्यापर करने  से पहले जाने  कुछ महत्वपूर्ण बातें 

Some important things to know before opening a new shop

1 दुकान खोलने के लिए जब आप मुहुर्त निकालें उस समय तिथि का भी विचार भी अवश्य करना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दुकान खोलने के लिए सभी तिथि शुभ हैं परंतु रिक्ता तिथि यानी (चतुर्थ, नवम व चतुर्दशी) में में दुकान खोलने से बचना चाहिए। 

2 नन्दा तिथियों एवं प्रतिपदा , षष्ठी और एकादशी तिथि के दिन नवीन योजना पर कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।


3 नए व्यापार शुरू करने के लिए कृष्ण पक्ष (पूर्णिमा के अगले दिन से अमावस तक ) कि तिथि का त्याग करने में ही बुद्धिमानी है इसके लिए शुक्ल पक्ष (अमावस के अगले दिन से पूर्णिमा तक ) कि तिथियाँ ज्यादा शुभ होती है। 

4 नए व्यापार दुकान खोलने में मंगलवार को बिलकुल भी त्याग देना चाहिए । मंगलवार के अलावा आप किसी भी दिन दुकान खोल सकते हैं।

5 अमावस का दिन भी नए व्यापार कि शुरुआत के लिए शुभ नहीं है । 13 तारीख तथा यदि व्यक्ति के पिता कि मृत्यु हो चुकी है तो उनकी मृत्यु कि तिथि का भी त्याग कर देना चाहिए । 

6 भद्रा में भी नया काम बिलकुल भी नहीं करना चाहिए । 

7 हमेशा ध्यान दें कि कोई भी एग्रीमेंट कभी भी रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं करना चाहिये। 

8 असफलता से बचने के लिए जन्म राशि से चौथी, आठवीं और बारहवीं राशि पर जब चंद्र हो उस समय नया काम शुरू नहीं करना चाहिए।

9 शुक्ल पक्ष की द्वितीया,  तृतीया,  पंचमी, सप्तमी, दशमी, द्वादशी एवं त्रयोदशी तिथि व्यापार के लिए बहुत शुभ मानी गयी है। इन तिथियों को व्यापार शुरू करने से मनवाँछित सफलता मिलने के योग प्रबल रहते है । 

10 बुधवार के दिन उधार देना व मंगलवार को उधार लेना मुहूर्त की दृष्टि से कतई भी शुभ नहीं माना गया है।



11नया व्यापार शुरू करने वाले व्यक्ति अपने व्यापार में सफलता के लिए श्रीयंत्र के स्थापना करे । 

12नया व्यापार शुरू करने वाले व्यक्ति अपने व्यापार में सफलता के लिए गुरुवार को श्री आदिनाथभगवान का अनुष्ठानें करे व किसी भी पद्मावती माता मंदिर में 108 कमल अपॅण  करें।

13 नया व्यापार शुरू करने वाले व्यक्ति अपने व्यापार में सफलता के लिए पंच धातुओं की विभिन्न वस्तुऐं किसी भी जरूरतमंद को दान करें।


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