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लक्ष्य निर्धारित कर सम्यकत्व के लिए पुरुषार्थ करेंगे तो मोक्ष का मार्ग मिलेगा- पूज्य श्री अतिशयमुनिजी म.सा.

लक्ष्य निर्धारित कर सम्यकत्व के लिए पुरुषार्थ करेंगे तो मोक्ष का मार्ग मिलेगा- पूज्य श्री अतिशयमुनिजी म.सा. 

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सरलमना परम पूज्या महासती श्री मधुबालाजी म. सा. के देवलोक गमन पर भावपूर्ण श्रद्धासुमन श्रद्धांजलि

सरलमना परम पूज्या  महासती श्री मधुबालाजी म. सा. के देवलोक गमन पर भावपूर्ण श्रद्धासुमन  श्रद्धांजलि 

श्री धर्मदास सम्प्रदाय के लाल उपकुल के घोर तपस्वी,स्थविर,75 वर्ष से अधिक वर्ष के सुदीर्घ संयम पर्यायी पं. रत्न प.पू. गुरुदेव‌ श्री. कानमुनिजी म.सा. की आज्ञानुवर्ती व मालव सिंहनी,विदुषी महासती पू. श्री कौशल्याकुंवरजी म.सा. की सुशिष्या महासती श्री मधुबालाजी म.सा. की हालत अत्यंत गंभीर थीं। 

वैश्विक महामारी की चपेट में आने से एक हफ्ते पूर्व उन्हें रतलाम के सीएचएल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उनके स्वास्थ्य में उतर-चढाव चल रहा था। उनके गिरते स्वास्थ्य के चलते उन्हें आज श्री जैन दिवाकर स्मारक रतलाम में शिफ्ट किया गया था,जहाँ महासती पू. श्री रश्मिजी म.सा. ने उन्हें आज ता. 23 अप्रैल 2021 सबेरे 11.24 बजे सजग अवस्था में चोविहार संथारा व्रत पचक्खाया व आज ही दोपहर 2.09 बजे संथारा सीझ गया।

उल्लेखनीय है कि महासती श्री मधुबालाजी म.सा. म.प्र. के रतलाम जिले के ताल कस्बे के प्रतिष्ठित श्री हजारीमलजी पितलिया की सुपौत्री व श्री शंतिलालजी पितलिया की सुपुत्री है। महासती श्री मधुबालाजी म.सा. की दिक्षा 30 जनवरी 1999 के दिन ताल में एक भव्य समारोह में आचार्य भगवंत गुरुदेव प.पू. श्री उमेशमुनिजी म. सा. 'अणु' इनके मुखारविंद से सम्पन्न हुई थीं।

आपका वर्ष 2020 का व संयम जीवन का अंतिम वर्षावास ग्रहपक्ष के ग्राम- ताल में ही सम्पन्न हुआ था।


यह एक अजीब संयोग रहा कि तप प्रेरक प.पू.श्री चैतन्यमुनिजी म.सा. जो परसों देवलोक हुए उनका भी गत वर्षावास व संयम-जीवन का अंतिम वर्षावास अपने ग्रहपक्ष के ग्राम- [नागदा-धार] में ही सम्पन्न हुआ था।   

यहां पढ़े👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇

    https://www.jainnews.in/2021/04/pujya-shri-chetanyamuniji-maharaj.html

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