Antim chomasa veer prabhu song lyrics in hindi download
[संगीत] अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा पूरी फरमाया
[संगीत] अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया पावा पुरी फरमाया हस्ती पाल का भाग्य सवाया जी
अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया
अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया [संगीत]
नौ मल्ली नौ लच्छी राजा आए वीर शरण में देशना अंतिम छट भत से सुनते वीर चरण में
उत्तराधन 36 जी फरमाए जगदीश जी , सतत वाचना 16 प्रहर की सुनकर आनंद पाया जी
अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया
अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया [संगीत]
jainnews.in
अस्थि वाणिज्य आलंबीका सावथी नगरी जानो
अनार्य देशा पापा नगरी पावा पूरी पहचानो
एक एक चौमास जी शट मथला में खास जी
दो भद्र का तीन विशाला दश चपा में सुहाया जी
अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया
अंतिम चौमासा वर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया [संगीत]
14 राज गृही नाल पड़ा कल्पता करके
वर्ष 42 संयम पाला 30 वर्ष केवली विचरते
किया धर्मो ज्योत जी आत्मा पाई ज्योत जी
तीर्थ पति जब मोक्ष पधारे गौतम मन मुरझाया जी
अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया
अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया [संगीत]
देव श्रमण प्रतिबोधितम करने भेजा मुझको ज्ञानी
मुक्ति आपकी फिर भी स्वामी रही ना मुझसे छानी
होते खूब उदास जी क्यों नहीं रखा पास जी
रह रह करके गौतम जी को वीर विरह ने सताया जी
अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया
अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया [संगीत]
नहीं देता अंतराय प्रभु मैं नहीं मैं पाव पकड़ता
जी भर भर के हे स्वामी मैं दर्श आपके करता
सदा चरण में ध्यान जी मिलता अद्भुत ज्ञान जी
प्रभु अकेला रहूंगा कैसे गौतम नाद सुनाया जी
अंतिम चौमासा वर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया
अंतिम च मासा वर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया [संगीत]
प्रश्न कहां पर जाकर पूछूं शंका किससे मेटू
छोड़ अकेला आप पधारे चरण कहां पर भेटू
मन में अति संताप जी करके पश्चाताप जी
मोह हटाते कर्म खपा केवल झट प्रगटाया जी
अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया
अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया [संगीत]
केवली होकर 12 वर्ष तक भूमंडल पर विचरते
जिस दिन मोक्ष पधारे गौतम सुधर्मा केवली रते
आठ वर्ष परमाण जी पाए मोक्ष निधान जी
उसी वर्ष में जंबू पाया ज्ञान केवल मन छया जी
अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया
अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया [संगीत]
वर्ष 44 जंबू केवल भारत भू प विचरते सुधर्म पट धर जमू स्वामी अंतिम केवली वृते
jainnews.in
प्रभव स्वयं भव जान जी यशो भद्र महानजी
संभूति विजय और भद बाहु जी चौदह पूर्व पाया जी
अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया [संगीत]
10 बोलों का छेद हुआ जब जंबू मोक्ष पधारे
श्रुत केवली भरत में विचरे भव्या आत्मा तारे
हुए हैं युग प्रधान जी पाठ 27 महान जी
21 हजार वर्ष तक चाले शासन आगम गाया जी
अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया
अंतिम चौमासा वर प्रभु ने पावापुरी फरमाया
पावा पुरी फरमाया हस्ती पाल का भाग्य सवाया जी
अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा पुरी फरमाया
अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावा
पुरी फरमाया [संगीत]
Comments
Post a Comment