गौरक्षक वीर तेजाजी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी & इतिहास तेजा दशमी की बधाई स्टेटस मैसेज

 

तेजा दशमी की स्टेटस मैसेज शायरी हिंदी में
veer Tejaji ke Balidan divash ki hardik subhkamnaye status Quotes Sms image

 

गौरक्षक वीर तेजाजी के बलिदान दिवस हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं स्टेटस, संदेश, Quotes 

गाज्यो-गाज्यो जेठ आषाढ़, कंवर तेजा रे।
लगतोड़ा ही लाग्यो रे, सावण भादवो।।
भगवान शिव के ग्यारहवें अवतार लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज के प्रति श्रद्धा, आस्था एवं विश्वास के प्रतीक तेजाजीदशमी पर्व पर आप सभी को हार्दिक बधाई व अंन्त शुभकामनायें
जय तेजाजी महाराज 🙏
#tejadashmi

#सुबह लिखता हूं, #शाम लिखता हूं
सबकुछ खुल-ए-आम लिखता हूं
वो #कलम भी #दीवानी हो जाती है
जिससे मैं मेरे #तेजाजी का नाम लिखता हूं

अब तो है तेरे हवाले #तेजाजी जीवन मेरा
मेरी #नैया डुबो दे, चाहे पार उतार
मैं तो हर पल ध्याऊँ नाम तेरा
तू ही अब तो मेरा उजड़ा #नसीब संवार

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दिल मे #तेजल की चाहत
लबो पर #तेजाजी का नाम
कोई माने या ना माने
मेरी #ज़िंदगी #वीर_तेजाजी के नाम


#बेटों हूँ #किसान को
उगाऊ चोखो #धान
#धरती म्हारी #मावडी
#तेजो म्हारो #भगवान..🥰


गायां खातिर प्राण दे दिया
मान बढायाे जाट को
खरनाल्यो पूजायो तेजल
बेटो धौल्या जाट को।
मान बढायाे जाट को

जय वीर तेजाजी
 लीलण घोड़ी सोवणी रे
 मोतिया जड़ी लगाम

खरनाल्या रा वीर तेजाजी ने
 झूक झूक करू प्रणाम

 


  36 कौम के पूज्य लोक देवता
#जय श्री वीर तेजाजी महराज  की जय हो।.   
आप और आपके परिवार को तेजा दशमी की हार्दिक शुभकामना

         

गौरक्षक वीर तेजाजी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी & इतिहास 

 वीर तेजाजी की पूजा सर्पों के देवता के रूप में की जाती है । तेजाजी राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात प्रान्तों में लोकदेवता के रूप में पूजे जाते हैं। तेजाजी का जन्म धौलिया गौत्र के जाट परिवार में हुआ, तेजाजी के पूर्वज उदयराज (16वीं पीढ़ी) ने मध्य भारत से आकर खडऩाल (खरनाल) पर कब्जा कर अपनी राजधानी बनाया। खड़नाल परगने में 24 गांव थे ।   तेजाजी के दादा बोहितराव बहादुर योद्धा थे।

 तेजाजी के पिता सरदार ताहरदेव खरनाल के मुखिया थे. ताहरजी के छ: बेटे तेजाजी, राणाजी, गुणाजी, महेशजी, नागजी व रूपजी थे. तथा उनके दो बेटियां राजल व डूंगरी थी. राजल की शादी तबीजी गाँव के जोगजी सियाग से की थी। तेजाजी का जन्म माघ शुक्ला चतुर्दशी सम्वत् 1130 गुरुवार तद्नुसार 29 जनवरी 1074 ई. को तत्कालीन खरनाल परगने में हुआ था ।

तेजाजी ने ग्यारवीं शदी में गायों की डाकुओं से रक्षा करने में अपने प्राण दांव पर लगा दिये थे। उन्होंने अपने आत्म – बलिदान तथा सदाचारी जीवन से अमरत्व प्राप्त किया था। लोकविश्वास है कि इनके नाम की राखी बाँध देने से सर्प-विषाक्रान्त व्यक्ति तुरन्त विष-प्रभाव से छूट जाता है । इनकी स्मृति में प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल दशमी को स्थान-स्थान पर भक्त लोग पवाड़ा गाते हैं । अगता रखा जाता है ।                                         

तेजाजी की विरासत

(1) श्री वीर तेजाजी : शेषावतार लक्ष्मण जी
(2) जन्म तिथि : माघ शुक्ला चतुर्दशी, गुरुवार वि.स. 1130 ,29 जनवरी 1074 ई.
(3) पिता : श्री ताहङदेव जी (थिरराज) धौलिया
(4) माता : श्रीमती रामकुंवरी
(5) वंश : नाग वंश की धौलिया जाट शाखा
(6) खांप : चौहान
(7) नख : खींची
(8) जन्म स्थल : खरनाल (नागौर)
(9) विवाह : पीले पोतङों में पुष्कर के नाग घाट पर पुष्कर पूर्णिमा वि.स 1131
(10) पत्नी : पेमल
(11) ससुर : रायमल जी मुहता
(12) ससुर का गौत्र : झांझर जाट
(13) सासु : बोदल दे
(14) सासु का गौत्र : काला जाट
(15) ससुराल : शहर पनेर
(16) भाई : रुपजी, रणजी, गुणजी, महेश जी, नगजी
(17) भाभियाँ : रतनाई, शेरां, रीतां, राजा, माया
(18) बहिन : राजल
(19) बहनोई : नाथाजी सिहाग
(20) बहिन के ससुर : जोरा जी सिहाग
(21) बहिन का ससुराल : तबीजी (अजमेर)
(22) ननिहाल : त्योद व अठ्यासन
(23) नाना : दुल्हण जी सोढी
(24) गुरु : गुसांई जी व मंगलनाथ जी
(25) लाछां की संपत्ति : गौ माताएं
(26) वीरगति की निशानी : मेंमद मौलिया
(27) मेंमद मौलिया वाहक : आँसू देवासी
(28) तेजाजी के दुश्मन : सासु बोदल दे व काला गौत्री बालू नाग
(29) तेजाजी का खेत : खाबङ खेत (खरनाल)
(30) तेजाजी का तालाब : गैण तालाब (इनाणा व मूङावा के बीच)
(31) तेजाजी का रास्ता : तेजा पथ
(32) घाटा : लोकल घाटा (मालास परबतसर)
(33) नदी : पनेर की नदी
(34) तेजाजी का वचन : सत्यवाद
(35) तेजाजी की मर्यादा : नुगरां की धरती में वासा ना करां
(36) तेजाजी का व्रत : ब्रम्हचर्य
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(37) सम्बोधन : सत्यवादी वीर तेजाजी
(38) माता का बोल : तेजा का बोयोङा मोती निपजे
(39) तेजाजी के साक्षी : चांद, सूरज व खेजङी वृक्ष
(40) बासग नाग द्वारा वरदान : काला बाला रोग चिकित्सा, घर घर पूजा
(41) तेजाजी देवता : सर्प विष चिकित्सा, कृषि उपकारक, पशुधन तारक
(42) पेमल का आशीर्वाद : पूजा से बस्ती नगर रोग निवारण
(43) तेजाजी की चिकित्सा पद्धति : गौमूत्र, नीमपत्र, काली मिर्च, देशी गाय का घी, देशी गाय के गोबर के कण्डो की भभूत
(44) तेजाजी का ध्वज : चांद, सूरज, नाग, खेजङी वृक्ष युक्त
(45) तेजाजी का भोग : देशी गाय का कच्चा दूध, नारियल, मिश्री
(46) तेजाजी के जागरण की रात व व्रत : भादवा सुदी नवमी हर वर्ष
(47) तेजाजी का शकुन : जागती जोत
(48) तेजाजी का गीत : गाज्यो गाज्यो जेठ आषाढ
(49) तेजाजी के गीत की प्रथम गायिका : लाछां गुर्जरी
(50) तेजाजी के गीत की पुन: रचना : बींजाराम जोशी
(51) तेजाजी का शिलोका : पूनमचन्द सिखवाल
(52) तेजाजी ख्याल : पं. अम्बालाल
(53) भक्ति : सालिगराम
(54) ईष्ट देव : शंकर भगवान
(55) सेवा : गौ माता
(56) कर्म : गौचारण, कृषि, युवराज पद दायित्व
(57) धर्म : गौरक्षा, न्याय, सत्यवाद
(58) तीर्थ : तीर्थराज पुष्कर
(59) वीरगति स्थल : सुरसुरा (अजमेर)
(60) दाह संस्कार स्थल : सुरसुरा (अजमेर)
(61) पेमल का सती स्थल : सुरसुरा (अजमेर)
(62) घोङी का नाम : लीलण
(63) प्रमुख शस्त्र : भाला
(64) सहअस्त्र शस्त्र : ढाल-तलवार, धनुष बाण
(65) रण संग्राम स्थल : मण्डावरिया पहाङी की तलहटी एवं चांग का लीला खुर न्हाल्सा करणाजी की डांग (पाली)
(66) प्रतिपक्षी : चांग के चीतावंशी मेर मीना
(67) मीना का सरदार : कालिया
(68) तेजाजी के साथी : पाँचू, खेता, जेता
(69) पेमल की सखी : लाछां गुर्जरी (चौहान खाँप)
(70) लाछां का गांव : रंगबाङी का वास पनेर (अजमेर)
(71) लाछां के पति : नन्दू गुर्जर
(72) लाछां की निशानी : लाछां बावङी

वीर..सत्य वादी...अपने वचनों पर जान न्योछावर करने वाले..वीर तेजा जी महाराज को कोटि-कोटि प्रणाम🙏

तेजा दशमी की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं...


तेजा जी महाराज का आशीर्वाद और कृपा दृष्टि सदैव आप के परिवार पर बनी रहे...आप के परिवार में सुख समृद्धि का वास..हो...
तेजा जी महाराज से प्रार्थना है कि     आप की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो और आप जीवन में दिन दूनी-रत चौगुनी प्रगति करें...

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