जैन तपस्या / जैन तप पर शायरी Shayri for Jain Tapasya / Jain Tap


जैन तपस्या / जैन तप पर शायरी

Shayri for Jain Tapasya / Jain Tap

मेरे  साधर्मी भाई-बहनों को  जय जिनेंद्र! भगवान ने कर्म निर्जरा के अनेक मार्ग बताएं हैं। दान, शील, तप, भाव इन चारों में तप यह एक उत्तम मार्ग हैं। तपस्या से हम पुराने कर्मों की निर्जरा कर सकते हैं। जैन धर्म में नवकारसी से लेकर मासखमण, वर्षी तप की तपस्या हम अपने शक्ति के अनुसार कर सकते हैं। तो चलिए, अपने तपस्वी भाई-बहनों का गुणगान करते हैं। आज मैं आप सभी के साथ तपस्या पर बनी हिंदी शायरी शेयर कर रही हूँ....


1] तपस्या से कटे कर्म अति भारी,
                           तप के आगे नतमस्तक दुनिया सारी।

2] आओ सब करे तपस्वी का अभिनंदन
                      तपस्वी को तो करते हैं सब नमन
     तप से होती है कर्म निर्जरा
                       कटते हैं भवोभव के बंधन।

 

3] तपस्या की आई है बहार
                         शांति मिलती तप से अपार
     तपस्वी के क्या गायें हम गुणगान
                         तपस्वी से होता है कर्मों का संहार।




 4]  पुण्यवाणी का शुभ अवसर आया
                        तपस्या में तन मन लगाया
      रसनेन्द्रिय पर किया विजय
                          दृढ़ता से कर्मों को खपाया।


5] गुरु भगवंतों की कृपा मिली
                       पुण्यवाणी भी खूब खिली
     अंतर में शुभ भावों की माला से
                     तप की आत्म ज्योत जली।


6] तपस्या की भट्टी में जो तप् गया है
                        कुंदन सा वही चमक गया है
     तपस्या ही जीवन है मेरे बंधुओं
                          तपस्या में मानव महा मानव बन गया है।


7] युद्ध भूमि में योद्धा तपे, सूर्य तपे आकाश
                      तपस्वी साधक अंदर से तपे, करें कर्मों का नाश।


8] करो तपस्या, मिटे समस्या ।


9] देखकर आपकी तपरूपी लीना,
                       हम भी चाहते हैं आप जैसा जीना।


10] तप जीवन का श्रोत है,
                       तप जीवन जलती ज्योत है
       तप से होती है कर्म निर्जरा
                       तप मोक्ष मार्ग का स्तोत्र है।

यह भी पढे👇👇👇


आशा है,  मेरे साधर्मी भाई-बहनों को तपस्या पर बनी हुई यह हिंदी शायरी पसंद आई होगी। आप अपने स्पीच में, एंकरिंग में यह हिंदी शायरी का उपयोग कर सकते हैं। तपस्वी भाई-बहनों के तप की अनुमोदना करें ताकि कभी हम भी तप की श्रंखला में शामिल हो जाए। क्योंकि जैसी भावना हम भाते हैं, रखतें हैं, वैसा ही हमारे साथ घटित होता है। इसलिए हमेशा शुभ भावना में रहे एवं जिनशासन की प्रभावना करते रहे। जय जिनेंद्र!

No comments:

Post a Comment

Featured Post

Happy Diwali 2025: Best 100 Diwali Wishes, Quotes, Messages, WhatsApp Status, Imagesdiwali 2025 diwali date

Happy Diwali 2025: Best 100 Diwali Wishes, Quotes, Messages, WhatsApp Status, Images

advertisement

Advertisement

ADVERTISEMENT