Featured Post

लक्ष्य निर्धारित कर सम्यकत्व के लिए पुरुषार्थ करेंगे तो मोक्ष का मार्ग मिलेगा- पूज्य श्री अतिशयमुनिजी म.सा.

लक्ष्य निर्धारित कर सम्यकत्व के लिए पुरुषार्थ करेंगे तो मोक्ष का मार्ग मिलेगा- पूज्य श्री अतिशयमुनिजी म.सा. 

advertisement

Rome Rome Girnar (Hindi Lyrics) Jain Song

Rome Rome Girnar (Hindi Lyrics) Jain Song

नेम नेम नेम नेम नेम 

नेम नेम नेम व्हाला नेम..(२)

मारा रोमे तुं गिरनार, मारा श्वासे तुं नेमिनाथ..(२)
मारो आधार तुं, मोक्ष दातार तुं... 
मारो सथवार तुं, मारो पगथार तुं…


मुक्ति तणुं सरनामुं तुं, हैयानो धबकार तुं...
रोमे रोमे गिरनार गुंजे श्वासे श्वासे 
श्वासे श्वासे नेमिनाथ बिराजे रोमे रोमे…

गीरी ना शिखरे छे तुज स्पंदन, 
कण कण अहीं तारुं ज कीर्तन..(२)

शिवादेवी नंदन नेमी निरंजन, 
रूप तमारु शीतल अंजन…

गीरी शणगार तुं, गुण भंडार तुं... 
मारो सथवार तुं, मारो पगथार तुं…

भक्ति तणुं सरनामुं तुं, सरगम ने सुरताल तुं...
रोमे रोमे गिरनार गुंजे श्वासे श्वासे 
श्वासे श्वासे नेमिनाथ बिराजे रोमे रोमे... [१]

हृदय मंदिरीये छे तुज आसन, 
तारी कृपाथी मळ्युं जिनशासन..(२)

तन मन जीवन तुजने हो अर्पण,
तुं छे मारग मोक्ष नुं दर्पण…

दुःख हरनार तुं, सुख देनार तुं... 
मारो सथवार तुं, मारो पगथार तुं…

शक्ति तणुं सरनामुं तुं, आतमनो रखवाड तुं...
रोमे रोम गिरनार गुंजे श्वासे श्वासे 
श्वासे श्वासे नेमिनाथ बिराजे रोमे रोमे... [२]

Comments

Advertisement

Popular posts from this blog

ADVERTISEMENT