Featured Post

लक्ष्य निर्धारित कर सम्यकत्व के लिए पुरुषार्थ करेंगे तो मोक्ष का मार्ग मिलेगा- पूज्य श्री अतिशयमुनिजी म.सा.

लक्ष्य निर्धारित कर सम्यकत्व के लिए पुरुषार्थ करेंगे तो मोक्ष का मार्ग मिलेगा- पूज्य श्री अतिशयमुनिजी म.सा. 

advertisement

सुख के सिंधु मे, ले जाये संयम lyrics

 सुख के सिंधु मे, ले जाये संयम, 

पाप भरे जग से, छुपाये संयमन{र} 
संसार सागर, तराए संयम, 
मुक्ति के द्वार, पोहोचाये संयम... 
सुख के सिंधु मे….

मन में समाधी, संतोष समता, 
दिल में ना मोह, माया ना ममता, 
स्मित होठो पर, खुल के लेहराए, 
अंखिया अंतर की, मस्त झलकाई, 
नंदन वन सा, बन जाये जीवन, 
सुख के सिंधु मे…..

वंदन करुं वंदन जय जय अणगारा...(४)

कर्मो को तोडे, दोषो का छोडे, 
गुरु भक्ति में, तन को ये जोडे, 
प्रभु आज्ञामयी, बन जाये जीवन, 
दुःख के दरका, नहीं कोई कारण, 
साधना ऐसी, जगमे अनुपम, 
सुख के सिंधु मे…..

चाहिए प्रभुजी, कृपा तुमारी, 
रहने ना पाये, साधना अधूरी,
अजित हो जाए, नाम सहारे, 
किर्तन करते प्रभुजी, तुजको पुकारे, 
रहना प्रभुजी, साथ में हर दम, 
सुख के सिंधु मे…..

Comments

Advertisement

Popular posts from this blog

ADVERTISEMENT