एक जन्म्यो राजदुलारो Ek Janmyo Raj Dularo Lyrics Jain Stavan
Ek Janmyo Raj Dularo Lyrics Jain Stavan
एक जन्म्यो राजदुलारो
दुनियानो तारणहारो (२ बार)
वर्धमान नुं नाम धरी ने
प्रगट्यो तेज सितारो
एक जन्म्यो… (२ बार)
पृथ्वी परथी अंधकार ना
वादळ जाणे विखराया (२ बार)
गाये उमंगे गीत अप्सरा
देवोना मन हरखाया (२ बार)
नारकीना जीवोए नीरख्यो (२ बार)
तेज तणो झबकारो रे, एक जन्म्यो…
धान वध्यां धरती ना पेटे,
नीर वध्यां सरवरिया ना (२ बार)
चंद्र सुरज ना तेज वध्यां ने
संप वध्यां सौ मानवना (२ बार)
दु:ख ना दिवसो दुर गया ने (२ बार)
आव्यो सुख नो वारो रे, एक जन्म्यो…
रंक जनोना दिल मां प्रसर्युं
आश भरेलुं अजवाळुं (२ बार)
बेली आव्यो दिन दुखिया नो
रहेशे ना कोई नोधारुं (२ बार)
भीड जगत नी भांगे एवो
सौनो पालनहारो रे, एक जन्म्यो…
वागे छे शरणाई खुशी नी,
सिद्धांरथ ना आंगणिये (२ बार)
हेते हींचोळे त्रिशला राणी
बाळकुंवर ने पारणीये (२ बार)
प्रजा बनी आनंदे घेली, (२ बार)
घर-घर उत्सव प्यारो रे, एक जन्म्यो…
वर्धमान नुं नाम धरी ने
प्रगट्यो तेज सितारो
एक जन्म्यो… (२ बार)
Comments
Post a Comment